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दिल्ली में प्रदूषण का मौसम शुरू: AQI का मतलब समझिए और खुद को बचाइए

हर साल अक्टूबर के बाद राजधानी की हवा बिगड़ने लगती है। जानिए AQI के आंकड़े क्या कहते हैं, ग्रैप के चरणों में क्या रोक लगती है, और बचाव कैसे करें।

दिल्ली

सर्दियां नज़दीक आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा पर चर्चा शुरू हो जाती है। तापमान गिरने, हवा की रफ़्तार कम होने और पराली जलने जैसी वजहों से धूल और धुआं ऊपर नहीं उठ पाते और ज़मीन के पास ही जमा होते रहते हैं।

AQI के आंकड़े का मतलब

हवा की गुणवत्ता को AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स से मापा जाता है। इसका पैमाना इस तरह है:

  • 0 से 50 — अच्छा
  • 51 से 100 — संतोषजनक
  • 101 से 200 — मध्यम
  • 201 से 300 — खराब
  • 301 से 400 — बहुत खराब
  • 401 से 500 — गंभीर

आंकड़ा 300 से ऊपर जाने पर स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ़ महसूस हो सकती है।

ग्रैप क्या है

हवा ज़्यादा बिगड़ने पर सरकार ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू करती है। इसमें हालात के हिसाब से चार चरण होते हैं, और जैसे-जैसे हवा खराब होती है, पाबंदियां बढ़ती जाती हैं — धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर रोक, कुछ श्रेणी के वाहनों और जनरेटरों पर पाबंदी, और सबसे गंभीर हालात में स्कूलों तथा दफ़्तरों के लिए अलग निर्देश।

कौन सा चरण कब लागू होगा, यह उस समय के AQI पर निर्भर करता है, इसलिए रोज़ की घोषणाओं पर नज़र रखना ज़रूरी है।

बचाव के आसान उपाय

  • सुबह-शाम जब हवा सबसे भारी रहती है, तब बाहर टहलने और कसरत से बचें
  • बाहर निकलना ज़रूरी हो तो अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क लगाएं; कपड़े का मास्क धूल के महीन कणों को नहीं रोकता
  • बच्चों, बुज़ुर्गों और दमा या दिल के मरीज़ों का खास ध्यान रखें; दवा हमेशा साथ रखें
  • घर के भीतर धूप, अगरबत्ती या कूड़ा जलाने से बचें
  • खूब पानी पिएं, और आंखों में जलन हो तो साफ़ पानी से धोएं
  • खिड़कियां दिन के उस समय खोलें जब हवा अपेक्षाकृत साफ़ हो

हवा की जानकारी कहां देखें

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का समीर ऐप और उसकी वेबसाइट पर हर इलाक़े का ताज़ा AQI देखा जा सकता है। कई मौसम ऐप भी यह आंकड़ा दिखाते हैं।

पाबंदियां और निर्देश हर साल बदलते रहते हैं। ताज़ा आदेश के लिए सरकारी घोषणाओं पर नज़र रखें।

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